कंप्यूटर इतिहास जितना पुराना है, उसमें कुछ मशीनें ऐसी हैं जिन्होंने पूरी दुनिया की कंप्यूटिंग दिशा ही बदल दी—EDVAC उन्हीं में से एक है। अगर आप जानते हैं कि आज के कंप्यूटर कैसे सोचते हैं, डेटा कैसे स्टोर होता है, और प्रोग्राम कैसे चलते हैं, तो इसका बीज सबसे पहले EDVAC ने ही बोया था।
ENIAC के बाद, EDVAC वह मशीन थी जिसने पहली बार यह साबित किया कि कंप्यूटर सिर्फ कैलकुलेशन मशीन नहीं, बल्कि एक “stored-program” सिस्टम भी हो सकता है—यानी निर्देश भी मेमोरी में रखे जाएँ, ठीक वैसे ही जैसे डेटा रखा जाता है।
इस ब्लॉग में हम EDVAC को बेहद आसान भाषा में समझेंगे—कि यह क्या था, कैसे काम करता था, किसने बनाया, इसमें क्या नई खोजें हुईं और इसका आधुनिक कंप्यूटरों पर क्या प्रभाव पड़ा।
EDVAC की परिभाषा क्या है? (Direct Answer)
EDVAC एक शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था, जिसे “stored-program concept” पर बनाया गया था—यानी इसमें डेटा और प्रोग्राम दोनों को मेमोरी में साथ-साथ रखा जा सकता था।
सरल शब्दों में, EDVAC पहला ऐसा कंप्यूटर था जिसने आधुनिक कंप्यूटरों जैसी कार्यप्रणाली अपनाई, जहाँ CPU मेमोरी से निर्देश पढ़ता है, उन्हें प्रोसेस करता है और आउटपुट देता है—बिल्कुल आज के कंप्यूटरों की तरह।
यही कारण है कि EDVAC को आधुनिक कंप्यूटिंग का आधार माना जाता है।
EDVAC कैसे काम करता था? (Working Explained in Steps)
Stored Program Concept का मतलब है कि कंप्यूटर डेटा और निर्देशों (instructions)—दोनों को अपनी मेमोरी में स्टोर करके रखता है। पहले के कंप्यूटरों में निर्देश मशीन के बाहर से मैन्युअली सेट किए जाते थे, इसलिए वे बहुत धीमे और जटिल होते थे।
EDVAC ने पहली बार दिखाया कि अगर प्रोग्राम भी मेमोरी में स्टोर हो जाएँ, तो कंप्यूटर खुद-से निर्देश उठाकर बहुत तेज़ी से काम कर सकता है।
उदाहरण के लिए:
जैसे फोन में आपका ऐप (program) और फोटो (data) दोनों एक ही मेमोरी में रहते हैं — EDVAC में भी यही विचार पहली बार लागू हुआ था।
EDVAC की Working को आसान भाषा में समझें
EDVAC का काम करने का तरीका आज के कंप्यूटरों जैसा था, लेकिन तकनीक बहुत अलग थी। फिर भी इसे समझना मुश्किल नहीं है। चलिए इसे एक आसान प्रक्रिया की तरह देखते हैं:
- इनपुट मेमोरी में जाता था
डेटा और प्रोग्राम दोनों को EDVAC की मेमोरी (Mercury Delay Lines) में लोड किया जाता था। यह उस समय बड़ी क्रांतिकारी बात थी। - कंप्यूटर मेमोरी से निर्देश पढ़ता था
Control Unit प्रोग्राम के पहले निर्देश को उठाती थी और उसे प्रोसेसर को भेजती थी। - Arithmetic Unit गणना करता था
EDVAC का Arithmetic Unit — जोड़, घटाव जैसे काम करता था।
आज के CPU का यह शुरुआती रूप था। - Processing के दौरान डेटा बार-बार मेमोरी और प्रोसेसर के बीच घूमता था
यह उस समय बहुत आधुनिक माना जाता था, क्योंकि ENIAC यह काम नहीं कर सकता था। - अंत में Output यूनिट परिणाम दिखाती थी
परिणाम मशीन के बाहरी हिस्से में भेजा जाता था जहाँ गणनाएँ पढ़ी जा सकती थीं।
यदि इसे आधुनिक उदाहरण से समझें—
जैसे आपका मोबाइल ऐप RAM से निर्देश उठाता है, CPU में प्रोसेस करता है, फिर स्क्रीन पर आउटपुट दिखाता है—EDVAC भी लगभग यही करता था, बस बहुत पुराने तरीके से।
EDVAC का इतिहास क्या है? (Timeline-Based Explanation)
EDVAC का विकास 1944 में शुरू हुआ था और यह लगभग 1951 में पूरा हुआ। यह ENIAC का उन्नत संस्करण था, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत stored-program तकनीक का इस्तेमाल था, जिसने इसे उस समय के सभी कंप्यूटरों से ज्यादा आधुनिक बना दिया।
इसका डिजाइन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शुरू हुआ, जब तेज़ और सटीक गणनाओं की भारी आवश्यकता थी। इसी जरूरत ने EDVAC जैसे उन्नत कंप्यूटरों के विकास को जन्म दिया।
EDVAC को किसने बनाया?
EDVAC को बनाने का श्रेय मुख्य रूप से तीन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को जाता है:
- जॉन मॉक्ली (John Mauchly) – कंप्यूटर के मूल डिज़ाइन और मशीन के विचारों के मुख्य विशेषज्ञ।
- जे. प्रेपर Eckert (J. Presper Eckert) – हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक संरचना के प्रमुख इंजीनियर।
- जॉन वॉन न्यूमन (John von Neumann) – Stored-program architecture का सिद्धांत देने वाले महान गणितज्ञ।
खास बात यह है कि Von Neumann की रिपोर्ट, जिसे “EDVAC Report” कहा जाता है, ने आधुनिक कंप्यूटिंग की नींव रखी।
आज की CPU, मेमोरी सिस्टम, और instruction cycle इन्हीं अवधारणाओं पर आधारित हैं।
ENIAC और EDVAC में क्या अंतर था?
| तुलना बिंदु | ENIAC | EDVAC |
| टेक्नोलॉजी | Decimal आधारित | Binary आधारित |
| प्रोग्रामिंग तरीका | केबल और स्विच बदलकर | प्रोग्राम मेमोरी में स्टोर होते थे |
| Stored Program Concept | मौजूद नहीं | मौजूद (पहला आधुनिक stored-program कंप्यूटर) |
| गति | अपेक्षाकृत धीमी | तेज़ और ज्यादा सटीक |
| लचीलापन (Flexibility) | बहुत कम | अधिक, क्योंकि प्रोग्राम बदले जा सकते थे |
| आर्किटेक्चर | पुरानी डिज़ाइन | Von Neumann Architecture का आधार |
| उपयोग | सैन्य गणनाएँ, प्रूफ ऑफ टेक्नोलॉजी | वैज्ञानिक कार्य, आधुनिक कंप्यूटिंग की शुरुआत |
| पूर्णता वर्ष | 1945 | 1951 |
EDVAC की संरचना (Components of EDVAC)
EDVAC कई महत्वपूर्ण हिस्सों से मिलकर बना था, और हर भाग कंप्यूटर के काम को अलग-अलग तरीके से संभालता था। इसकी संरचना को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यहीं से आधुनिक कंप्यूटर संरचना की शुरुआत हुई।
मेमोरी (Memory) कैसे काम करती थी?
EDVAC की मेमोरी “Mercury Delay Lines” पर आधारित थी। यह उस समय की एक अनोखी तकनीक थी, जिसमें डेटा ध्वनि तरंगों (sound waves) के रूप में संग्रहित होता था।
यह मेमोरी लगातार डेटा को “घुमाती” रहती थी, और प्रोसेसर ज़रूरत पड़ने पर उसे फिर से पढ़ लेता था।
सरल तुलना:
जैसे पानी की पाइप में लगातार लहरें चलती रहती हैं — EDVAC में डेटा भी ऐसी ही तरंगों की तरह घूमता था।
Arithmetic Unit क्या काम करता था?
Arithmetic Unit EDVAC का “गणना करने वाला दिमाग” था। यह जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसी सभी गणनाएँ करता था। उस समय यह यूनिट वैक्यूम ट्यूब्स पर आधारित था, जो आज के ट्रांजिस्टर और माइक्रोप्रोसेसरों का शुरुआती रूप माना जाता है।
EDVAC का Arithmetic Unit इतना उन्नत था कि यह ENIAC से कई गुना तेज़ और ज़्यादा सटीक गणना कर सकता था।
इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि यही आधुनिक CPU (Central Processing Unit) की नींव थी।
Control Unit कैसे निर्देशों को संभालती थी?
Control Unit EDVAC का वह हिस्सा था जो तय करता था कि कंप्यूटर को कौन-सा काम कब और कैसे करना है।
यह मेमोरी से निर्देश पढ़कर उन्हें सही क्रम में Arithmetic Unit और अन्य हिस्सों तक पहुँचाती थी।
आप इसे ऐसे समझें:
जैसे एक ट्रैफिक कंट्रोलर सड़क पर गाड़ियों को सही दिशा देता है—वैसे ही Control Unit कंप्यूटर के अंदर सभी निर्देशों के “ट्रैफिक” को नियंत्रित करती थी।
अगर Control Unit न हो, तो कंप्यूटर को यह ही नहीं पता चले कि कौन-सा काम पहले करना है और कौन-सा बाद में।
Input/Output Unit का काम क्या था?
EDVAC में Input/Output Unit वह हिस्सा था जो मशीन को बाहरी दुनिया से जोड़ता था। इसके माध्यम से:
- इनपुट डेटा मशीन तक पहुँचता था
और - प्रोसेस किया हुआ आउटपुट मशीन से बाहर आता था
उस समय I/O सिस्टम आज की तरह स्क्रीन या कीबोर्ड नहीं थे — बल्कि टेप्स, पंच कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक संकेतों की मदद से इनपुट और आउटपुट दिया जाता था।
Mercury Delay Lines क्या थे और EDVAC में इनका उपयोग कैसे होता था?
Mercury Delay Lines EDVAC की सबसे अनोखी और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण मेमोरी तकनीक थी। इसमें डेटा को पारे (Mercury) से भरी लंबी ट्यूबों के अंदर ध्वनि तरंगों (sound waves) के रूप में स्टोर किया जाता था।
यह कैसे काम करता था?
- ट्यूब के एक छोर पर इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल ध्वनि में बदला जाता था।
- यह ध्वनि पारे की ट्यूब में यात्रा करती थी।
- दूसरे छोर पर पहुँचते ही यह ध्वनि फिर से इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में बदल जाती थी।
- फिर इसे दोबारा ट्यूब में भेज दिया जाता — जिससे डेटा “लूप” में बना रहता था।
इसे ऐसे समझें:
जैसे एक लहर पानी में बार-बार घूमती रहे—जब तक उसे रोका न जाए।
यह तकनीक आज पुरानी मानी जाती है, लेकिन उसी समय इसे एक बड़ी खोज माना गया क्योंकि इसी से प्रोग्राम और डेटा को स्टोर किया जा सकता था।
EDVAC का उपयोग कहाँ हुआ? (Use Cases)
EDVAC शुरुआत में एक शोध और सैन्य उद्देश्य के लिए बनाया गया था, लेकिन इसका प्रभाव बहुत दूर तक गया। इसका उपयोग मुख्य रूप से यहाँ हुआ:
- सैन्य गणनाएँ: मिसाइल, बैलिस्टिक और युद्ध-संबंधी जटिल कैलकुलेशन करने के लिए।
- वैज्ञानिक अनुसंधान: न्यूक्लियर फिजिक्स, गणितीय मॉडलिंग और तकनीकी शोध में EDVAC का उपयोग किया गया।
- कम्प्यूटिंग विकास: कंप्यूटर आर्किटेक्चर, मेमोरी सिस्टम और instruction-processing के प्रयोगों में इसे आधार मॉडल माना गया।
EDVAC की सीमाएँ क्या थीं?
हालाँकि EDVAC अपने समय की एक क्रांतिकारी मशीन थी, फिर भी इसमें कई व्यावहारिक समस्याएँ थीं, जिन्हें उस दौर की तकनीक के कारण टाला नहीं जा सकता था।
- Mercury Delay Lines बहुत संवेदनशील थे। तापमान में थोड़े बदलाव से भी डेटा में गड़बड़ी आ सकती थी।
- आकार अत्यंत बड़ा था। EDVAC एक पूरे कमरे में फैला रहता था—इससे इसे बनाए रखना मुश्किल होता था।
- बिजली की खपत बहुत ज़्यादा थी। वैक्यूम ट्यूब आधारित मशीनों को चलाने के लिए भारी बिजली चाहिए होती थी।
- रखरखाव (Maintenance) कठिन था। वैक्यूम ट्यूब बार-बार खराब होती थीं और इंजीनियरों को लगातार मशीन पर निगरानी रखनी पड़ती थी।
- गति आज की तुलना में बेहद कम थी। भले ही यह ENIAC से तेज़ था, लेकिन आधुनिक कंप्यूटरों के मुकाबले काफी धीमा।
EDVAC क्यों महत्वपूर्ण था? (Real-World Importance)
EDVAC को आधुनिक कंप्यूटिंग का “टर्निंग पॉइंट” कहा जाता है, क्योंकि इसी मशीन ने वो सिद्धांत दिए जिन पर आज दुनिया के सभी कंप्यूटर काम करते हैं।
- Stored-Program Concept: जो आज हर कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप, और सर्वर का आधार है।
- Von Neumann Architecture: CPU, Memory, Input/Output जैसे हिस्सों का मॉडल EDVAC की वजह से बना।
- Binary Processing: आज की डिजिटल दुनिया (0 और 1) की नींव EDVAC ने मजबूती से स्थापित की।
- Programming Evolution: प्रोग्राम को मशीन में स्टोर करने से software-development की शुरुआत संभव हुई।
EDVAC से जुड़े आम भ्रम (Mistakes People Make)
EDVAC के बारे में छात्रों और शुरुआती सीखने वालों के बीच कुछ आम भ्रम देखे जाते हैं:
- ENIAC और EDVAC को एक जैसा मान लेना: जबकि दोनों की तकनीक अलग थी—ENIAC decimal और EDVAC binary सिस्टम पर आधारित था।
- यह सोचना कि EDVAC पूरी तरह तैयार हुआ था: हकीकत में यह एक experimental मशीन थी, जिसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक कंप्यूटिंग के सिद्धांत विकसित करना था।
- Stored Program Concept को सही से न समझ पाना: कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ डेटा मेमोरी में स्टोर होता है, लेकिन EDVAC ने साबित किया कि निर्देश भी मेमोरी में रखे जा सकते हैं, जिससे कंप्यूटर स्वचालित रूप से चल सकता है।
- यह मान लेना कि EDVAC एक सामान्य कंप्यूटर की तरह उपयोग में आता था: जबकि यह एक रिसर्च मशीन थी और इसका उद्देश्य नई तकनीकों का परीक्षण था, न कि रोज़मर्रा के काम।
EDVAC से हमें क्या सीख मिलती है? (Pro Tips & Insights)
EDVAC सिर्फ एक पुरानी मशीन नहीं है—यह आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान की जड़ है। इससे हमें कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं:
- किसी भी तकनीक की असली ताकत उसके सिद्धांतों में होती है। EDVAC का hardware आज पुराना हो चुका है, लेकिन इसके concept आज भी वही हैं।
- बाइनरी सिस्टम सबसे सटीक और विश्वसनीय तरीका है, इसलिए कंप्यूटर आज भी 0 और 1 पर चलते हैं।
- Stored Program Concept ने प्रोग्रामिंग का रास्ता खोला, जिसके कारण आज सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री अरबों-खरबों की बन गई।
- इनोवेशन हमेशा छोटी खोजों से शुरू होता है। EDVAC की delay line memory पुरानी थी, लेकिन इसी से RAM और modern memory systems की नींव रखी गई।
- तकनीक कभी एक दिन में नहीं बदलती। ENIAC → EDVAC → EDSAC → UNIVAC — इन सबने मिलकर आधुनिक कंप्यूटरों का मार्ग बनाया।
Conclusion
EDVAC सिर्फ एक पुरानी मशीन का नाम नहीं है—यह कंप्यूटर इतिहास में वह मोड़ था जहाँ से आधुनिक कंप्यूटिंग की असली यात्रा शुरू हुई।
इसने दुनिया को यह नया विचार दिया कि कंप्यूटर सिर्फ गणना करने वाली मशीन नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रणाली है जो डेटा और प्रोग्राम दोनों को समझ सकती है, स्टोर कर सकती है और खुद-से निर्देशों को क्रम में चलाकर जटिल काम कर सकती है।
EDVAC ने हमें यह भी सिखाया कि तकनीक समय के साथ बदलती है, लेकिन सही विचार हमेशा टिकते हैं।
आज के मोबाइल फोन से लेकर सुपरकंप्यूटर तक—हर जगह EDVAC के सिद्धांत मौजूद हैं।
क्या आपको लगता है कि आने वाले 20–30 सालों में भी कंप्यूटरों की संरचना इतनी ही बदलेगी जितना ENIAC से EDVAC में बदलाव आया था?
FAQs – EDVAC से जुड़े आम सवाल
EDVAC का फुल फॉर्म क्या है?
EDVAC का फुल फॉर्म है Electronic Discrete Variable Automatic Computer।
EDVAC को किसने बनाया था?
EDVAC को J. Presper Eckert, John Mauchly और John von Neumann की टीम ने विकसित किया था।
EDVAC किस तकनीक पर काम करता था?
यह binary system और stored-program concept पर आधारित था, जो आज की कंप्यूटिंग का आधार माना जाता है।
EDVAC और ENIAC में मुख्य अंतर क्या था?
ENIAC decimal और मैन्युअल स्विचिंग पर चलता था, जबकि EDVAC binary और stored-program memory पर आधारित था।
क्या EDVAC पूरी तरह काम करने वाला कंप्यूटर था?
EDVAC का मुख्य उद्देश्य प्रयोग और शोध था—यह modern computers की theoretical foundation तैयार करने के लिए बनाया गया था।