इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी क्या है (Information Technology), परिभाषा, महत्व, उपयोग

आज के आधुनिक युग में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology) या IT हमारे जीवन के हर क्षेत्र में उपयोग हो रही है। चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, व्यापार, या मनोरंजन — हर जगह IT ने कार्यप्रणाली को तेज़, आसान और सटीक बना दिया है।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का अर्थ है — जानकारी को संग्रहित (store), संसाधित (process), और संचारित (communicate) करने के लिए कंप्यूटर, नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग करना।

आज जब हम इंटरनेट पर सर्च करते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, ईमेल भेजते हैं या मोबाइल एप्स का इस्तेमाल करते हैं — यह सब Information Technology का ही हिस्सा है।

IT ने न केवल काम को डिजिटल बनाया है बल्कि लोगों को जोड़ने, शिक्षा को फैलाने और व्यापार को ग्लोबल स्तर तक पहुँचाने में भी बड़ा योगदान दिया है। इसने पूरी दुनिया को एक “डिजिटल नेटवर्क” में बदल दिया है जहाँ जानकारी कुछ ही सेकंड में एक जगह से दूसरी जगह पहुँच जाती है।

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इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की परिभाषा (Definition of Information Technology)

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी की कई परिभाषाएँ दी गई हैं, लेकिन सरल शब्दों में इसका अर्थ है —
“जानकारी को कंप्यूटर और नेटवर्क की सहायता से संग्रहित, संसाधित और संचारित करने की तकनीक।”

यह तकनीक डेटा को एकत्रित (Collect) करने, संग्रहीत (Store) करने, प्रसंस्कृत (Process) करने और संचारित (Transmit) करने के काम में आती है।

दूसरे शब्दों में, IT वह प्रणाली है जो कंप्यूटर और communication tools के ज़रिए डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलती है

IT का फुल फॉर्म और इसका अर्थ

IT का फुल फॉर्म है – Information Technology (इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी)।
हिंदी में इसका अर्थ है – “सूचना प्रौद्योगिकी” या “जानकारी से जुड़ी तकनीक।”

इस शब्द में दो मुख्य भाग हैं:

  1. Information (सूचना) – किसी भी प्रकार का डेटा या ज्ञान जो उपयोगी हो।
  2. Technology (प्रौद्योगिकी) – वह तकनीक या साधन जिससे सूचना को संग्रहित, संसाधित और साझा किया जा सके।

इस प्रकार Information Technology का मतलब है — ऐसी तकनीक जो जानकारी को computer systems, software, internet, और networks की मदद से manage और share करने का काम करती है।

IT का उपयोग आज लगभग हर क्षेत्र में किया जा रहा है — चाहे वो education, business, healthcare, banking या government services ही क्यों न हों।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का इतिहास (History of Information Technology)

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का विकास एक लम्बी यात्रा रही है, जो मानव सभ्यता के साथ-साथ बढ़ती गई। जैसे-जैसे इंसान ने नई तकनीकें खोजीं, वैसे-वैसे जानकारी को संग्रहित और साझा करने के तरीके भी बदलते गए।

1. प्रारंभिक दौर – लेखन और रिकॉर्ड रखने की शुरुआत: सबसे पहले लोग सूचना को चित्रों और प्रतीकों (pictographs) के रूप में पत्थरों या मिट्टी की तख्तियों पर दर्ज करते थे। यह record-keeping का शुरुआती रूप था।
बाद में कागज़ और छपाई (printing press) के आविष्कार ने जानकारी को सुरक्षित रखने और फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

2. यांत्रिक युग (Mechanical Era – 1800 से 1940 तक): इस दौर में टाइपराइटर, कैलकुलेटर, और टेलीग्राफ जैसे उपकरण आए, जिनसे डेटा को तेजी से रिकॉर्ड और ट्रांसमिट किया जाने लगा।
इसी समय गणना (calculation) के लिए मशीनों का उपयोग शुरू हुआ, जिसने कंप्यूटर के जन्म की नींव रखी।

3. कंप्यूटर युग की शुरुआत (1940–1960): 1940 के दशक में पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर (ENIAC, UNIVAC) बनाए गए।
इनका उपयोग सरकारी और सैन्य कार्यों में किया गया। यहीं से “Information Technology” शब्द का प्रयोग शुरू हुआ, क्योंकि अब जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से संसाधित किया जा सकता था।

4. नेटवर्किंग और इंटरनेट युग (1970–1990): इस समय computer networks और internet का विकास हुआ।
ARPANET जैसे प्रयोगों ने data sharing को एक नया रूप दिया। 1990 के दशक में World Wide Web (WWW) के आने से सूचना का युग वास्तव में डिजिटल हो गया।

5. आधुनिक डिजिटल युग (2000 से अब तक): आज Information Technology ने लगभग हर क्षेत्र को छू लिया है —
cloud computing, artificial intelligence, machine learning, mobile apps, data science और cybersecurity जैसी तकनीकें हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई हैं। अब IT सिर्फ computers तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक global digital ecosystem बन चुकी है।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के मुख्य घटक (Main Components of Information Technology)

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कई भागों से मिलकर बनी होती है। हर घटक (component) IT सिस्टम के सुचारू रूप से काम करने में अहम भूमिका निभाता है। नीचे इसके प्रमुख घटक बताए गए हैं:

1. हार्डवेयर (Hardware): हार्डवेयर IT सिस्टम का भौतिक हिस्सा होता है जिसमें कंप्यूटर, सर्वर, मॉनिटर, कीबोर्ड, राउटर, नेटवर्क डिवाइस आदि शामिल होते हैं। ये उपकरण डेटा को इनपुट, प्रोसेस और आउटपुट करने का काम करते हैं।

2. सॉफ्टवेयर (Software): सॉफ्टवेयर वह प्रोग्राम या एप्लिकेशन होते हैं जिनसे कंप्यूटर कार्य करता है।
जैसे – ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows, Linux), एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (MS Office, Tally) और डेटाबेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर

3. नेटवर्किंग (Networking): नेटवर्किंग का मतलब है कई कंप्यूटर्स और डिवाइसेस को एक-दूसरे से जोड़ना ताकि डेटा आसानी से ट्रांसफर हो सके।
उदाहरण: LAN (Local Area Network), WAN (Wide Area Network), और Internet

4. डेटा और डाटाबेस (Data & Database): IT का सबसे अहम भाग डेटा है। सभी प्रक्रियाएँ इसी पर आधारित होती हैं।
डेटाबेस सिस्टम डेटा को संग्रहीत (store) और प्रबंधित (manage) करने का काम करता है। उदाहरण – MySQL, Oracle Database, MongoDB

5. ह्यूमन रिसोर्स (Human Resources): IT सिस्टम को चलाने और बनाए रखने के लिए IT professionals, जैसे software engineers, network administrators, data analysts, और system managers की आवश्यकता होती है।

6. सुरक्षा (Security): साइबर सुरक्षा (Cyber Security) IT का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सिस्टम को वायरस, हैकिंग, और डेटा चोरी से बचाने के लिए काम करती है।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का महत्व (Importance of Information Technology)

आज की दुनिया में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सिर्फ एक तकनीक नहीं बल्कि हर क्षेत्र की रीढ़ (backbone) बन चुकी है। चाहे शिक्षा हो या व्यापार, बैंकिंग हो या स्वास्थ्य सेवा — IT के बिना कोई भी काम पूरी तरह संभव नहीं है।

आइए समझते हैं कि IT क्यों इतनी ज़रूरी है:

1. संचार में क्रांति (Revolution in Communication): IT ने लोगों को जोड़ने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब हम ईमेल, चैट, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया के ज़रिए सेकंडों में जानकारी साझा कर सकते हैं।

2. शिक्षा में सुधार (Improvement in Education): ऑनलाइन क्लासेस, डिजिटल लाइब्रेरी, और e-learning platforms ने शिक्षा को हर किसी के लिए सुलभ बना दिया है। आज छात्र घर बैठे दुनिया के किसी भी कोने से पढ़ाई कर सकते हैं।

3. व्यवसाय में विकास (Business Growth): IT ने व्यापार को global बना दिया है। कंपनियाँ अब e-commerce, online marketing और cloud technology के ज़रिए दुनिया भर में अपना बिज़नेस चला सकती हैं।

4. सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता (Transparency in Governance): ई-गवर्नेंस (E-Governance) की मदद से सरकारी कामकाज तेज़, पारदर्शी और जनता के लिए आसान हो गए हैं। जैसे – आधार, ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग, डिजिटल पेमेंट्स आदि।

5. स्वास्थ्य सेवाओं में प्रगति (Advancement in Healthcare)
IT ने चिकित्सा क्षेत्र को भी आधुनिक बना दिया है। अब telemedicine, digital reports, AI diagnosis जैसी सुविधाएँ इलाज को अधिक प्रभावी बना रही हैं।

6. रोजगार के नए अवसर (New Employment Opportunities): IT सेक्टर ने लाखों लोगों को रोज़गार दिया है। software development, data analysis, cybersecurity, AI, cloud computing जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नौकरियाँ उपलब्ध हैं।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के उपयोग (Uses of Information Technology in Hindi)

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग आज लगभग हर क्षेत्र में किया जा रहा है। इसने हमारे काम करने, सीखने और संवाद करने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। नीचे इसके प्रमुख उपयोगों को विस्तार से समझाया गया है।

1. शिक्षा के क्षेत्र में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग

शिक्षा में IT ने एक नई क्रांति ला दी है। अब विद्यार्थी घर बैठे ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं। Byju’s, Coursera और Udemy जैसे प्लेटफॉर्म ने सीखने को सरल बनाया है। स्कूलों और कॉलेजों में उपस्थिति, रिजल्ट तैयार करना और फीस भुगतान जैसी प्रक्रियाएँ भी अब डिजिटल माध्यम से होने लगी हैं।

2. बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में IT का उपयोग

बैंकिंग सेक्टर में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने पारदर्शिता और गति दोनों को बढ़ाया है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI के माध्यम से लेन-देन आसान हो गया है। एटीएम, क्रेडिट कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम ने लोगों को सुविधा और सुरक्षा दोनों प्रदान की हैं।

3. स्वास्थ्य सेवा में IT का उपयोग

स्वास्थ्य क्षेत्र में IT ने मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया है। अब मरीजों की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में रखी जाती है। डॉक्टर ऑनलाइन परामर्श दे सकते हैं, जिसे टेलीमेडिसिन कहा जाता है। हेल्थ ऐप्स और स्मार्ट डिवाइस के जरिए लोग अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य की निगरानी कर सकते हैं।

4. व्यापार और उद्योग में IT का योगदान

व्यापार में IT का योगदान सबसे अधिक देखा जाता है। ERP और CRM जैसे सॉफ्टवेयर से कंपनियाँ अपने कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करती हैं। Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स ने खरीदारी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। साथ ही क्लाउड टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स से व्यावसायिक निर्णयों में सटीकता आई है।

5. सरकारी सेवाओं में IT की भूमिका

सरकार ने IT के माध्यम से नागरिकों को सुविधाजनक सेवाएँ प्रदान की हैं। अब पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसी सेवाएँ ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती हैं। ई-गवर्नेंस ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति दोनों को बढ़ाया है। डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

6. संचार और मीडिया में IT का प्रभाव

संचार के क्षेत्र में IT ने दुनिया को एक साथ जोड़ दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook, Instagram और X (Twitter) ने संवाद को बेहद आसान बना दिया है। ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल और ब्लॉग्स ने सूचना के प्रसार को तेज़ किया है। आज वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स आम बात बन चुकी हैं।

7. अन्य क्षेत्रों में IT का उपयोग

कृषि में किसान मौसम की जानकारी और फसल प्रबंधन के लिए IT का उपयोग करते हैं। परिवहन में GPS और ऑनलाइन टिकट बुकिंग ने यात्रा को सुविधाजनक बना दिया है। साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गेम डेवलपमेंट और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी तेजी से विकसित हो रही है।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के फायदे (Advantages of Information Technology in Hindi)

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने आज हमारे जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया है। यह न केवल काम को आसान बनाती है, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत करती है। नीचे इसके मुख्य फायदे विस्तार से बताए गए हैं।

1. समय और लागत की बचत

IT की मदद से काम पहले की तुलना में बहुत कम समय में पूरा हो जाता है। जहाँ पहले किसी कार्य को पूरा करने में घंटों या दिनों का समय लगता था, अब वह कुछ मिनटों में संभव है। साथ ही डिजिटल सिस्टम्स से मैन्युअल कार्यों की आवश्यकता कम होने के कारण खर्चों में भी कमी आती है।

2. संचार में सुधार

IT ने संचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। अब लोग ईमेल, वीडियो कॉल, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एक-दूसरे से तुरंत जुड़ सकते हैं। चाहे कोई व्यक्ति देश में हो या विदेश में, संवाद करना अब बेहद सरल हो गया है।

3. डेटा का सुरक्षित संग्रह और प्रबंधन

पहले डेटा को कागज़ पर संग्रहीत किया जाता था, जिससे नुकसान या चोरी की संभावना रहती थी। आज IT के माध्यम से डेटा को कंप्यूटर और क्लाउड स्टोरेज पर सुरक्षित रूप से रखा जा सकता है। इससे जानकारी को कभी भी और कहीं से भी एक्सेस करना आसान हो गया है।

4. शिक्षा में प्रगति

शिक्षा क्षेत्र में IT का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल क्लासरूम ने शिक्षा को हर विद्यार्थी तक पहुँचाया है। अब विद्यार्थी अपनी गति से, अपनी सुविधा के अनुसार सीख सकते हैं।

5. रोजगार के नए अवसर

IT उद्योग ने युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा किए हैं। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डिजाइनिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में लाखों लोग काम कर रहे हैं।

6. व्यवसाय में दक्षता

व्यवसायिक कार्यों में IT ने दक्षता और पारदर्शिता दोनों को बढ़ाया है। ERP और CRM जैसे सॉफ्टवेयर कंपनियों को अपने संचालन को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ और सटीक हो जाती है।

7. सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता

IT के कारण सरकारी सेवाएँ अब अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो गई हैं। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस से नागरिकों को सेवाएँ बिना किसी बिचौलिए के मिलती हैं। इससे समय और भ्रष्टाचार दोनों में कमी आई है।

8. जीवन की गुणवत्ता में सुधार

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने हमारे दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया है। आज हम ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन शिक्षा और दूरस्थ कार्य जैसे कार्य आसानी से कर सकते हैं। इससे जीवन का स्तर बेहतर हुआ है।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के नुकसान (Disadvantages of Information Technology in Hindi)

जहाँ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसके कुछ नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। तकनीक का अत्यधिक प्रयोग कई बार मानसिक, सामाजिक और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएँ पैदा कर सकता है। आइए इसके प्रमुख नुकसान समझते हैं।

1. बेरोजगारी की समस्या

ऑटोमेशन और कंप्यूटर सिस्टम्स के बढ़ते उपयोग से कई पारंपरिक नौकरियाँ खत्म हो गई हैं। पहले जहाँ मानव श्रम की आवश्यकता होती थी, अब वही काम मशीनें या सॉफ्टवेयर कर रहे हैं। इससे कुछ क्षेत्रों में बेरोजगारी की समस्या बढ़ी है।

2. साइबर सुरक्षा खतरे

IT सिस्टम में डेटा और गोपनीय जानकारी ऑनलाइन संग्रहीत रहती है, जिससे साइबर हमलों का खतरा हमेशा बना रहता है। हैकिंग, डेटा चोरी, और ऑनलाइन फ्रॉड जैसी घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। इससे व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों प्रकार की सुरक्षा प्रभावित होती है।

3. सामाजिक दूरी और मानसिक प्रभाव

टेक्नोलॉजी के अधिक उपयोग से लोग एक-दूसरे से व्यक्तिगत रूप से कम जुड़ने लगे हैं। सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से वास्तविक जीवन के रिश्तों में दूरी आने लगी है। साथ ही, मोबाइल और इंटरनेट की लत मानसिक तनाव और एकाग्रता की कमी का कारण बन रही है।

4. डेटा गोपनीयता की कमी

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। कई बार कंपनियाँ या वेबसाइट्स यूजर की जानकारी का अनुचित इस्तेमाल करती हैं, जिससे गोपनीयता खतरे में पड़ जाती है।

5. तकनीक पर निर्भरता

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने लोगों को तकनीक पर अत्यधिक निर्भर बना दिया है। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी हम कंप्यूटर, मोबाइल या इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इस निर्भरता से व्यक्ति की कार्यक्षमता और रचनात्मकता प्रभावित हो सकती है।

6. झूठी जानकारी और गलत उपयोग

इंटरनेट पर हर जानकारी सही नहीं होती। फेक न्यूज, अफवाहें और भ्रामक सामग्री तेजी से फैलती हैं। कई बार लोग इन सूचनाओं पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे सामाजिक भ्रम और विवाद उत्पन्न हो जाते हैं।

7. पर्यावरण पर प्रभाव

कंप्यूटर, सर्वर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से ऊर्जा की खपत बढ़ती है। पुरानी मशीनों का निपटान (E-waste) भी पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। इसने न केवल हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है, बल्कि शिक्षा, व्यवसाय, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं को भी आधुनिक रूप दिया है। इसके माध्यम से पूरी दुनिया आपस में जुड़ चुकी है, जिससे सूचना का आदान-प्रदान बहुत आसान हो गया है।

हालाँकि, इसके साथ कुछ चुनौतियाँ भी हैं जैसे साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और तकनीक पर निर्भरता। अगर इन कमियों को संतुलित तरीके से संभाला जाए, तो इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मानव जीवन को और भी अधिक सुविधाजनक बना सकती है।

आज के डिजिटल युग में हर व्यक्ति के लिए IT की बुनियादी समझ होना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि भविष्य पूरी तरह इसी तकनीक पर आधारित होगा।

आपका क्या मानना है — क्या इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन को बेहतर बनाया है, या इसने हमें तकनीक पर ज़्यादा निर्भर बना दिया है?

FAQs – इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से जुड़े सामान्य प्रश्न

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी क्या है?

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology) वह तकनीक है जिसके माध्यम से डेटा और जानकारी को संग्रहित, संसाधित (process), और साझा किया जाता है। इसमें कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट और नेटवर्क का उपयोग होता है।

IT का फुल फॉर्म क्या है?

IT का फुल फॉर्म है “Information Technology”, जिसका हिंदी में अर्थ है “सूचना प्रौद्योगिकी”।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के मुख्य उपयोग क्या हैं?

IT का उपयोग शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, व्यापार, सरकारी सेवाओं और संचार जैसे कई क्षेत्रों में किया जाता है। इससे कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ती है।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के फायदे क्या हैं?

इसके मुख्य फायदे हैं – समय की बचत, संचार में सुधार, डेटा का सुरक्षित प्रबंधन, शिक्षा में प्रगति और रोजगार के नए अवसर।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के नुकसान क्या हैं?

IT के कुछ नुकसान भी हैं जैसे – साइबर सुरक्षा खतरे, सामाजिक दूरी, तकनीक पर निर्भरता और झूठी जानकारी का प्रसार।

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