आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज के समय में एक अत्यधिक चर्चित और प्रासंगिक विषय बन चुका है ।इसका नाम सुनते ही हमारे दिमाग में भविष्य की कोई कल्पना या फिर रोबोट्स का चित्र उभर आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह तकनीक हमारी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में पहले से ही घुलमिल चुकी है?
आजकल के स्मार्टफोन से लेकर, हमारे घरों में उपयोग होने वाली स्मार्ट गैजेट्स तक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव हर जगह महसूस किया जा सकता है। इस लेख में हम समझेंगे कि AI कैसे हमारी ज़िन्दगी को आसान और बेहतर बना सकता है, और इसके साथ जुड़ी कुछ मुख्य बातें जिन्हें जानकर आप भी इसका सही उपयोग कर सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब है ऐसी मशीनों और सॉफ़्टवेयरों का निर्माण, जो मानव बुद्धि का अनुकरण कर सकें। इसका उद्देश्य मशीनों को यह क्षमता प्रदान करना है कि वे अनुभव से सीख सकें, समझ सकें, समस्याओं का समाधान कर सकें और निर्णय ले सकें।
AI तकनीक की मदद से कंप्यूटर प्रोग्राम्स और रोबोट्स इंसान की तरह सोचने और काम करने में सक्षम होते हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक ऐसी तकनीक है, जिसमें कंप्यूटर सिस्टम्स और सॉफ़्टवेयर को इंसान जैसी सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य मशीनों को मानव बुद्धि की तरह कार्य करने योग्य बनाना है।
AI मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और अन्य तकनीकों का उपयोग करता है ताकि वह डेटा से सीख सके और निर्णय ले सके।
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैसे काम करता है?
AI मशीनें और सॉफ़्टवेयर अपने काम को कई तरीकों से करती हैं:
मशीन लर्निंग (Machine Learning)
यह AI का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें मशीनें डेटा से सीखती हैं और खुद को सुधारती हैं। जब किसी AI सिस्टम को बहुत सारा डेटा मिलता है, तो वह उस डेटा से पैटर्न पहचानता है और फिर भविष्य में उसी पैटर्न का उपयोग करके निर्णय लेता है।
डीप लर्निंग (Deep Learning)
यह मशीन लर्निंग का एक उन्नत रूप है, जिसमें न्यूरल नेटवर्क्स का इस्तेमाल किया जाता है। डीप लर्निंग में, मशीनें विभिन्न स्तरों पर डेटा को प्रोसेस करती हैं, जैसे कि मानव मस्तिष्क में न्यूरॉन्स काम करते हैं। इससे मशीनें जटिल कार्यों को भी समझने में सक्षम होती हैं, जैसे कि इमेज या आवाज़ की पहचान।
नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP)
यह तकनीक मशीनों को मानव भाषाओं को समझने, पढ़ने और लिखने की क्षमता देती है। इसका उपयोग वेब चैटबॉट्स, ट्रांसलेटर, और वॉयस असिस्टेंट्स में किया जाता है।
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AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इतिहास
अगर हम AI को एक इंसान की तरह देखें, तो इसकी भी अलग-अलग पीढ़ियाँ हैं, जो इसे वक्त के साथ और ज़्यादा एडवांस बनाती गईं। चलो, इसे मजेदार और आसान तरीके से समझते हैं।
पहली पीढ़ी (1956-1970): को नियम-आधारित AI कहा जाता है। यह AI की बचपन वाली स्टेज थी। इस दौर में वैज्ञानिकों ने मशीनों को कुछ फिक्स्ड नियम और लॉजिक देकर सिखाने की कोशिश की। इस समय का मुख्य फोकस सिंबोलिक AI और ट्यूरिंग टेस्ट पर था। शुरुआती चैटबॉट्स, जैसे एलिज़ा (ELIZA), इसी दौर में आए।
दूसरी पीढ़ी (1970-1990): विशेषज्ञ सिस्टम की थी। इस दौर में AI थोड़ा बड़ा हुआ और यह कुछ खास फील्ड्स में एक्सपर्ट बनने लगा। विशेषज्ञ सिस्टम का उपयोग मेडिकल और इंडस्ट्री के फैसले लेने में किया गया। न्यूरल नेटवर्क का शुरुआती विकास भी इसी समय हुआ।
तीसरी पीढ़ी (1990-2010): मशीन लर्निंग का दौर था। अब AI समझदार हो गया और डेटा से सीखना शुरू कर दिया। इस समय न्यूरल नेटवर्क, बिग डेटा और एल्गोरिदम आधारित लर्निंग पर काम हुआ। गूगल सर्च, स्पीच रिकग्निशन और फेसबुक का फेस डिटेक्शन इसी तकनीक के उदाहरण हैं।
चौथी पीढ़ी (2010-2020): डीप लर्निंग और बिग डेटा पर केंद्रित रही। अब AI पूरी तरह होशियार बन गया और गहराई से सीखने लगा। इसी दौर में AI चैटबॉट्स, वॉयस असिस्टेंट और सेल्फ-ड्राइविंग कार्स विकसित हुए। Siri, Alexa और Tesla की सेल्फ-ड्राइविंग कारें इसी का नतीजा हैं।
पाँचवीं पीढ़ी (2020-आज): सुपर इंटेलिजेंस और जनरेटिव AI की है। अब AI सिर्फ समझदार नहीं, बल्कि क्रिएटिव भी हो गया। इस दौर में AI इंसानों जैसी सोचने और खुद नई चीज़ें बनाने लगा। GPT (ChatGPT), DALL·E और AI कोडिंग असिस्टेंट जैसी तकनीकें इसका उदाहरण हैं।
भविष्य में AI और भी स्मार्ट होने वाला है। कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जल्द ही AGI (Artificial General Intelligence) आएगा, जिससे मशीनें पूरी तरह इंसानों जैसी सोचने और फैसले लेने में सक्षम हो जाएंगी। AI का सफर बहुत रोमांचक रहा है और आगे चलकर यह और भी ज़्यादा पावरफुल होने वाला है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रकार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सामान्यत: तीन प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया जाता है: नैरो AI, जनरल AI, और सुपीरियर AI। इन प्रकारों में AI के उपयोग और क्षमता के आधार पर भिन्नताएँ होती हैं। आइए, इन तीनों प्रकारों को विस्तार से समझते हैं:
नैरो AI (Narrow AI) – सीमित या कमजोर AI
नैरो AI (जिसे Weak AI भी कहा जाता है) वह प्रकार है जो एक विशिष्ट कार्य को करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह AI मानव जैसी सामान्य बुद्धि का अनुकरण नहीं करता, बल्कि एक ही कार्य को अत्यधिक दक्षता से करता है। आजकल के अधिकांश AI सिस्टम इसी श्रेणी में आते हैं। उदाहरण के लिए, गूगल असिस्टेंट, ऐलेक्सा, सिरी, चैटबॉट्स, और एंटीवायरस प्रोग्राम्स।
उदाहरण:
गूगल सर्च इंजन: गूगल AI का उपयोग आपकी सर्च क्वेरीज को समझने और परिणामों को सबसे बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए करता है।
स्मार्टफोन्स के वॉयस असिस्टेंट्स (जैसे सिरी या गूगल असिस्टेंट): ये केवल वॉयस कमांड को पहचानते हैं और उसे एक विशेष कार्य में बदलते हैं (जैसे कॉल करना या मौसम का हाल बताना)।
नेटफ्लिक्स की सिफारिश प्रणाली: यह AI आपके देखने के पैटर्न के आधार पर फिल्म या शो की सिफारिश करता है।
जनरल AI (General AI) – सामान्य या मजबूत AI
जनरल AI (जिसे Strong AI भी कहा जाता है) वह AI है जो इंसान की तरह सोचने और कार्य करने में सक्षम होता है। यह न केवल एक कार्य को अंजाम देता है, बल्कि विभिन्न प्रकार के कार्यों को सीखने, समझने और उन्हें बिना किसी मानव हस्तक्षेप के करने में सक्षम होता है। जनरल AI का मुख्य उद्देश्य एक प्रणाली का निर्माण करना है जो इंसान के समान व्यापक सोच क्षमता रखे। हालांकि, अभी तक इस प्रकार का AI पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है और इसे सिर्फ सिद्धांत में माना जाता है।
उदाहरण:
स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने और समग्र कार्यक्षमता: जनरल AI भविष्य में किसी रोबोट या प्रणाली के रूप में विकसित हो सकता है, जो न केवल एक या दो कार्यों में, बल्कि हर प्रकार के काम में इंसान की तरह निर्णय ले सके।
मानव जैसी सोच और समझ: जैसे कि एक AI सिस्टम जो डॉक्टर की तरह बीमारी का निदान कर सके, वकील की तरह कानूनी सलाह दे सके या शिक्षक की तरह पढ़ाई कर सके।
सुपीरियर AI (Superintelligent AI) – सुपरइंटेलिजेंट AI
सुपीरियर AI वह अत्यधिक उन्नत रूप है जो मानव बुद्धि से कहीं अधिक सक्षम होता है। यह AI इंसान से ज्यादा तेज़, सटीक, और श्रेष्ठ तरीके से सोचने, समझने और निर्णय लेने में सक्षम होगा। यह न केवल किसी भी समस्या को हल करने में माहिर होगा, बल्कि यह नये तरीके से सोचने और पूरी दुनिया के सबसे जटिल मुद्दों का समाधान भी निकाल सकेगा। सुपरइंटेलिजेंट AI वर्तमान में एक काल्पनिक विचार है और अभी तक ऐसा AI नहीं बना है, लेकिन भविष्य में इसके निर्माण की संभावना व्यक्त की जाती है।
उदाहरण:
सुपीरियर AI एक ऐसा सिस्टम हो सकता है, जो किसी भी क्षेत्र में इंसान से बेहतर निर्णय ले सके, जैसे चिकित्सा, वित्त, राजनीति, या विज्ञान में।
आर्टिफिशियल सुपरइंटेलिजेंस: यह AI किसी भी समस्या को हल करने के लिए हर तरह के डेटा और जानकारी का उपयोग करेगा, और अपने फैसलों में इंसान से कहीं अधिक तेज़ और सही होगा।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आवश्यकता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज के समय में न केवल एक अत्याधुनिक तकनीक बन चुका है, बल्कि यह आधुनिक समाज की आवश्यकता भी बन गया है। इसके कई ऐसे कारण हैं, जो इसे हमारे जीवन में अनिवार्य और महत्वपूर्ण बनाते हैं।–
कार्यकुशलता और उत्पादकता में वृद्धि
AI की सबसे बड़ी आवश्यकता कार्यक्षमता और उत्पादकता को बढ़ाने में है। इंसान के पास सीमित समय और ऊर्जा होती है, जबकि मशीनों को कुछ निर्धारित कार्यों को बिना थके या रुके बार-बार करने की क्षमता होती है। AI सिस्टम्स जटिल गणनाओं और प्रक्रियाओं को बहुत तेजी से करते हैं, जो इंसान के लिए संभव नहीं होता।
डेटा विश्लेषण और निर्णय लेने में सहायता
AI डेटा को समझने, विश्लेषण करने और उससे निष्कर्ष निकालने में अत्यधिक प्रभावी है। आधुनिक समय में बड़ी मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है, और उसे सही तरीके से प्रबंधित करना और उसका विश्लेषण करना चुनौतीपूर्ण होता है। AI का उपयोग डेटा से पैटर्न पहचानने, ट्रेंड्स का विश्लेषण करने और सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।
स्वचालन (Automation) और लागत में कमी
AI की मदद से कई प्रक्रियाओं को स्वचालित किया जा सकता है, जिससे समय की बचत होती है और खर्चों में कमी आती है। खासकर, उन कार्यों को स्वचालित किया जा सकता है जो मनुष्यों द्वारा किए गए थे और जिनमें उच्च लागत और समय लगता था।
नवाचार और तकनीकी विकास
AI न केवल मौजूदा कार्यों को अधिक प्रभावी बनाता है, बल्कि यह नए समाधानों और तकनीकी नवाचारों की खोज में भी मदद करता है। AI के माध्यम से हम नई तकनीकों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, जो पहले असंभव लगते थे।
सामाजिक समस्याओं का समाधान
AI का उपयोग सामाजिक समस्याओं को हल करने में भी किया जा सकता है। जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, और गरीबी को कम करने के लिए AI का उपयोग किया जा सकता है। यह भविष्य में बड़े सामाजिक बदलाव ला सकता है और मानवता के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित कर सकता है।
स्मार्ट और व्यक्तिगत अनुभव
AI के उपयोग से व्यक्तिगत अनुभव और कस्टमर सेवा को नया आकार मिल रहा है। AI ग्राहकों की प्राथमिकताओं, आदतों और व्यवहारों को समझने में सक्षम होता है, जिससे उसे व्यक्तिगत सिफारिशें, सुविधाएं और सेवाएं मिलती हैं।
मानव जीवन को बेहतर बनाना
AI का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना और रोज़मर्रा के कार्यों को आसान बनाना है। जैसे-जैसे AI तकनीक में सुधार हो रहा है, यह हमारे जीवन के हर पहलु को प्रभावित कर रहा है, चाहे वह स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो, परिवहन हो या मनोरंजन।
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) हमारे रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में कैसे मदद करता है?
स्मार्टफोन असिस्टेंट्स (Google Assistant, Siri, Alexa)
स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले AI-आधारित असिस्टेंट्स जैसे Google Assistant, Siri और Alexa आपके रोज़मर्रा के कामों को आसान बनाते हैं। आप इनसे केवल आवाज़ में बात करके कई कार्य कर सकते हैं जैसे कि कॉल करना, टेक्स्ट भेजना, मौसम का हाल जानना, और गाने सुनना। ये असिस्टेंट्स लगातार सीखते रहते हैं, जिससे उनका प्रदर्शन और अधिक सटीक होता जाता है।
स्वचालित ट्रांसलेशन टूल्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते भाषा की बाधाएं भी मिट रही हैं। गूगल ट्रांसलेट और अन्य ट्रांसलेशन टूल्स AI का इस्तेमाल करते हुए बिना किसी मानव हस्तक्षेप के भाषाओं का अनुवाद करते हैं। यह सुविधा न सिर्फ यात्रा के दौरान बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए भी बहुत मददगार साबित होती है।
स्मार्ट होम डिवाइस और IoT
स्मार्ट होम डिवाइस जैसे कि स्मार्ट लाइट्स, थर्मोस्टेट्स, और सिक्योरिटी कैमरे AI का इस्तेमाल करके आपके घर को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। उदाहरण के लिए, आप अपने फोन से घर के तापमान को नियंत्रित कर सकते हैं या फिर घर में किसी अजनबी की उपस्थिति का पता लगा सकते हैं। स्मार्ट स्पीकर्स जैसे Amazon Echo और Google Home इन डिवाइसों को एकीकृत करने का काम करते हैं, जिससे आपको आसानी से घर के उपकरणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में AI
AI का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा है। AI आधारित एप्लिकेशन और डिवाइस जैसे स्मार्टवॉचेज और फिटनेस ट्रैकर्स, आपके शारीरिक स्वास्थ्य को ट्रैक करते हैं और आपके स्वास्थ्य में आने वाली समस्याओं का पूर्वानुमान भी करते हैं। इसके अलावा, AI का उपयोग डॉक्टरों द्वारा रोगों का निदान करने के लिए भी किया जा रहा है। मशीन लर्निंग एल्गोरिदम अब रेडियोलॉजी में इमेजेज़ का विश्लेषण करके कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जल्दी पता लगाने में मदद करते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग में AI
आजकल की अधिकांश ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स जैसे Amazon, Flipkart, और Myntra AI का इस्तेमाल आपके पसंदीदा उत्पादों की सिफारिश करने के लिए करती हैं। जब आप किसी विशेष श्रेणी के उत्पादों की खोज करते हैं या किसी आइटम को देखते हैं, तो AI आपके ब्राउज़िंग पैटर्न का विश्लेषण करता है और आपको समान उत्पादों की सिफारिश करता है। यही कारण है कि आपको अक्सर उन चीजों के विज्ञापन दिखाई देते हैं जो आपने पहले देखा या खोजी थीं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कस्टमर सर्विस
AI का उपयोग कस्टमर सर्विस में भी तेजी से बढ़ रहा है। चैटबॉट्स और वर्चुअल असिस्टेंट्स का इस्तेमाल ग्राहक सेवा के लिए किया जा रहा है। ये बॉट्स ग्राहकों से सामान्य सवालों का उत्तर देने, आदेश लेने, और समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होते हैं। इससे कंपनियां समय और संसाधन बचाती हैं और ग्राहकों को त्वरित सहायता मिलती है।
ऑटोमेटेड डिलीवरी और ट्रांसपोर्टेशन
AI का इस्तेमाल स्वचालित वाहनों और ड्रोन के लिए किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, कंपनियां अब AI आधारित ड्राइविंग सिस्टम का इस्तेमाल करके बिना ड्राइवर के वाहन चलाने की दिशा में काम कर रही हैं। इसके अलावा, ड्रोन द्वारा पैकेज की डिलीवरी भी एक नई और रोमांचक तकनीक है, जो जल्द ही और अधिक लोकप्रिय हो सकती है।
AI के फायदे (Advantages of AI)
कार्यकुशलता और उत्पादकता में वृद्धि
AI की मदद से मनुष्य द्वारा किए जाने वाले जटिल और समय लेने वाले कार्यों को स्वचालित किया जा सकता है। इससे कार्यों की गति और सटीकता बढ़ती है, और मानव श्रम की आवश्यकता कम होती है।
समान और व्यक्तिगत अनुभव
AI का उपयोग ग्राहकों को उनके पिछले व्यवहार के आधार पर व्यक्तिगत सिफारिशें देने में किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को बेहतर और उपयुक्त सेवाएं मिलती हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
AI का उपयोग चिकित्सा में रोगों का जल्दी निदान करने, इलाज की योजना बनाने और चिकित्सा प्रक्रियाओं को आसान बनाने में किया जाता है। AI डॉक्टरों को तेजी से निर्णय लेने में मदद करता है।
सुरक्षा में सुधार
AI का उपयोग सुरक्षा और निगरानी में किया जा रहा है, जैसे चेहरे की पहचान और साइबर सुरक्षा। यह अपराधियों की पहचान करने और संभावित खतरों का पता लगाने में मदद करता है।
समय और लागत की बचत
AI से कई प्रक्रियाओं को स्वचालित किया जा सकता है, जिससे समय की बचत होती है और लागत में भी कमी आती है। यह लंबे समय में उत्पादन लागत को कम करता है।
AI के नुकसान (Disadvantages of AI)
रोजगार पर प्रभाव
AI के कारण कई नौकरियाँ खत्म हो सकती हैं, खासकर वो काम जो नियमों के आधार पर होते हैं या जिनमें कम मानसिक और शारीरिक प्रयास की आवश्यकता होती है। इससे बेरोजगारी बढ़ने का खतरा हो सकता है।
मानव नियंत्रण की कमी
AI के बढ़ते उपयोग के साथ, कुछ मामलों में मशीनों द्वारा लिए गए निर्णयों पर इंसान का नियंत्रण कम हो सकता है, खासकर यदि AI सिस्टम्स बहुत अधिक स्वायत्त हो जाते हैं।
निजता और सुरक्षा जोखिम
AI का उपयोग व्यक्तिगत डेटा को एकत्र करने और विश्लेषण करने के लिए किया जाता है, जिससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता का खतरा बढ़ सकता है। हैकिंग और डेटा चोरी के मामले भी बढ़ सकते हैं।
आत्मनिर्भरता और कमजोर मानव कौशल
AI के अधिक उपयोग से मनुष्य अपनी सोच और निर्णय लेने की क्षमता पर निर्भर हो सकता है। इसका असर शिक्षा, सोचने की प्रक्रिया, और शारीरिक कौशल पर हो सकता है।
गलत निर्णय और पूर्वाग्रह (Bias)
AI सिस्टम्स को प्रशिक्षित करते समय अगर डेटा में पूर्वाग्रह (bias) हो, तो AI गलत निर्णय ले सकता है। यह सिस्टम के निष्कलंक और निष्पक्ष होने की संभावना को प्रभावित करता है।
निष्कर्ष
AI के बारे में जानने के बाद एक बात तो साफ है – यह तकनीक सिर्फ विज्ञान कथा की चीज़ नहीं रह गई है, बल्कि हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। स्मार्टफोन से लेकर हेल्थकेयर, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ऑटोमेशन तक, AI हर जगह मौजूद है और हमारी ज़िन्दगी को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना रहा है।
भविष्य में AI और भी एडवांस होगा, और शायद ऐसे रोबोट और सिस्टम विकसित हो जाएं, जो इंसानों जैसी सोचने-समझने की क्षमता रखते हों। लेकिन इस तकनीक के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे डेटा प्राइवेसी और नौकरियों पर इसका असर। हमें AI को एक टूल की तरह अपनाना होगा, जो हमारे काम को आसान बनाए, न कि हमारी जगह ले।
तो अब जब आपको AI के बारे में इतनी सारी जानकारी मिल गई, तो आप भी इस तकनीक को समझें और इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करें। क्या पता, भविष्य में आप भी AI से जुड़े किसी नए इनोवेशन का हिस्सा बन जाएं!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है ?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है कृत्रिम बुद्धिमत्ता जिसकी मदद से ऐसी मशीनों और सॉफ़्टवेयरों का निर्माण किया जाता है जिसमें मानव जैसे सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता हो।
AI के जनक कौन थे ?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक जॉन मैकार्थी हैं।
AI का पूरा नाम क्या है ?
AI का पूरा नाम Artificial Intelligence (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) है इसी हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी कहा जाता है।